NTAGI chief Gives england’s example; Decision of Covishield interval taken transparently । based on scientific evidence | डॉ. अरोड़ा ने इंग्लैंड का उदाहरण दिया, बोले- इससे रिजल्ट 88% अच्छा मिला; वैज्ञानिक आधार पर लिया फैसला


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नई दिल्लीएक घंटा पहले

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वैक्सीन की पहली और दूसरी डोज में अंतर बढ़ाने के मामले पर नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुफ ऑन इम्यूनिसेशन (NTAGI) के डॉ. एनके अरोड़ा का बयान सामने आया है। डॉ. अरोड़ा ने इंग्लैंड का उदाहरण देते हुए सरकार के इस निर्णय को सही बताया है।

उन्होंने कहा है कि इंग्लैंड का डेटा सामने आने पर पता चला है कि 12 हफ्ते का गैप रखने पर वैक्सीनेशन का रिजल्ट 65% से 88% तक अच्छा मिला। वहां इसका काफी फायदा हुआ। इसलिए भारत में वैक्सीनेशन के गैप को बढ़ाकर 12 से 16 हफ्ते कर दिया गया। डॉ. अरोड़ा ने कहा है कि ये फैसला वैज्ञानिक आधार पर लिया गया है।

डेटा के हिसाब से फेरबदल
NTAGI चीफ ने आगे कहा है कि हमारे ग्रुप ने सामूहिक तौर पर ये फैसला लिया है। इसके लिए पारदर्शी सिस्टम अपनाया गया। लगातार सामने आ रहे डेटा के हिसाब से ही इसमें फेरबदल किया जा रहा है। इससे पहले 4 से 6 हफ्ते के गैप का फैसला भी उस समय उपलब्ध डेटा के आधार पर ही लिया गया था। 4 से 6 हफ्ते के बीच दूसरा डोज लगवाने पर रिजल्ट 57 से 60 फीसदी तक मिलता है।

गैप कम करने का निर्णय रिसर्च के बाद
डॉ. अरोड़ा ने कहा है कि आगे कोवीशील्ड के 2 डोज में गैप ज्यादा या कम करने का निर्णय रिसर्च के बाद किया जाएगा। यदि आगे ये बात सिद्ध होती है कि गैप करने पर फायदा मिल सकता है तो इस पर फैसला लिया जाएगा। अभी जो गैप तय किया गया है, इस पर अच्छा रिजल्ट मिलता है तो इसे ही आगे बढ़ाया जाएगा।

इंग्लैंड के मॉडल पर बात करते हुए NTAGI चीफ ने कहा कि एस्ट्राजेनेका के पहले डोज के बाद 33% और दूसरे डोज के बाद 60% रिजल्ट सामने आया है। इसके बाद ही वहां इसका गैप को बढ़ाने पर विचार किया गया। हालांकि, भारत में इसकी ट्रैकिंग की जा रही है। इससे पता चलेगा कि इसका कितना फायदा मिल रहा है।

किन लोगों को 28-42 दिन में लगेगा कोवीशील्ड का दूसरा डोज?

  • कोवीशील्ड के दो डोज के गैप में यह तीसरा बदलाव है। 16 जनवरी को टीकाकरण शुरू हुआ तो कोवीशील्ड और कोवैक्सिन में दो डोज का गैप 28-42 दिन का रखा गया था। पर 22 मार्च को कोवीशील्ड के दो डोज का अंतर 4-6 हफ्ते से बढ़ाकर 6-8 हफ्ते किया गया। फिर 13 मई को यह गैप बढ़ाकर 12-16 हफ्ते कर दिया गया।
  • नई गाइडलाइन उन लोगों के लिए है जिन्हें पहला डोज लग चुका है और उन्हें अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर जाना है। यह यात्रा उन्हें पढ़ाई, रोजगार या ओलिंपिक टीम के हिस्से के तौर पर करनी पड़ सकती है। ऐसे लोगों को कोवीशील्ड के दूसरे डोज के लिए 84 दिन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वे इससे पहले भी दूसरा डोज लगवा सकते हैं।

देश यात्रा पर जाने वालों को 28 दिन बाद दूसरा डोज
इससे पहले स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोवीशील्ड के वैक्सीनेशन शेड्यूल में बदलाव किया था। दूसरे डोज का गैप दो बार बढ़ाने के बाद अब इसे विदेश यात्रा पर जा रहे लोगों के लिए घटाया गया था। कुछ कैटेगरी में दो डोज के लिए 84 दिन (12-16 हफ्ते) का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। 28 दिन (4-6 हफ्ते) बाद भी दूसरा डोज लगवा सकते हैं। दो डोज का गैप सिर्फ कोवीशील्ड के लिए घटाया गया था। कोवैक्सिन के 2 डोज का गैप 28 दिन था। उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया।

कोवीशील्ड की डोजिंग पॉलिसी में यह बदलाव क्यों किया गया?

  • यह बदलाव भारत के बाहर यात्रा कर रहे लोगों के लिए जारी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOPs) में किया गया है। दरअसल, कोवीशील्ड को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और ब्रिटिश कंपनी एस्ट्राजेनेका ने मिलकर विकसित किया है। इसे विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) अपनी मंजूरी दे चुका है। ऐसे में इसके दो डोज लगे होने पर लोग भारत के बाहर सुरक्षित यात्रा कर सकते हैं। उन्हें इन्फेक्शन होने का खतरा कम होगा। साथ ही वे नए तेजी से फैलने वाले म्यूटेंट वायरस स्ट्रेन्स से भी सुरक्षित रहेंगे।
  • यह पॉलिसी सभी पर लागू नहीं होगी। अगर कोई व्यक्ति 84 दिनों के अंदर विदेश जाने वाला हो तो ही जल्दी दूसरा डोज लगाया जा सकेगा। अन्य लोगों को यह राहत नहीं मिलने वाली। उन्हें दूसरा डोज लेने के लिए 84 दिनों का इंतजार करना ही होगा।

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