Asthma Coronavirus Symptoms Similarity; Asthma Ke Lakshan Kya Hai? Who is most at risk for COVID-19? | क्या अस्थमा रोगियों के लिए खतरनाक है कोविड-19? विश्व अस्थमा दिवस पर जानिए दोनों का आपस में क्या संबंध है?



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17 मिनट पहलेलेखक: रवींद्र भजनी

कोरोना वायरस की दूसरी लहर में इन्फेक्शन और मौतों के आंकड़े अपने ही पिछले रिकॉर्ड तोड़ते जा रहे हैं। कोरोना इन्फेक्शन एक सांस से जुड़ी बीमारी है और भारत में हर 100 में से चार वयस्क अस्थमा से पीड़ित हैं। पर्यावरणीय प्रदूषण की वजह से इनकी संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या कोरोना से हो रही मौतों के पीछे अस्थमा भी बड़ा कारण है?

इस विश्व अस्थमा दिवस (5 मई) पर हमने यह ही जानने की कोशिश की कि कोविड-19 इन्फेक्शन और अस्थमा का क्या संबंध है? हमने कुछ सवालों का जवाब जानने के लिए मुंबई के जसलोक हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में रेस्पिरेटरी मेडिसिन और पल्मोनोलॉजी विभाग में कंसल्टेंट डॉ. राहुल बाहोत से बातचीत की। आइए, जानते हैं उनका इन दोनों पर क्या कहना है?

क्या अस्थमा रोगियों के लिए कोरोना इन्फेक्शन जानलेवा है?

  • नहीं। अब तक ऐसे कोई भी सबूत सामने नहीं आए हैं। अब तक मोटापा, डाइबिटीज, हाइपरटेंशन, दिल की बीमारियों से पीड़ित लोगों में कोविड-19 का खतरा सबसे ज्यादा नजर आया है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ एलर्जी अस्थमा एंड इम्युनोलॉजी के मुताबिक अस्थमा और कोविड-19 को लेकर कई अध्ययन हुए हैं। ज्यादातर में पाया गया कि जिन्हें अस्थमा है, उनके लिए कोविड-19 का रिस्क इतना नहीं है, जितना डाइबिटीज, हाइपरटेंशन और अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को है।
  • अस्थमा रोगियों में कोरोना इन्फेक्शन होने से जुड़े 389 अध्ययन हुए हैं और इनका सिस्टमेटिक रिव्यू और मेटा-एनालिसिस बताता है कि कोविड-19 और अस्थमा का कोई संंबंध नहीं है। न तो हॉस्पिटल में भर्ती करने की अवधि पर, और न ही आईसीयू में भर्ती करने या मौतों से।

कोविड-19 इन्फेक्शन की वजह से अस्थमा के लक्षण बढ़ते हैं?

  • नहीं। यह सच है कि हमारी श्वसन प्रणाली के कई वायरस ब्रोंकाइटल अस्थमा के लक्षणों में तेजी लाते हैं। पर इस बात के सबूत नहीं है कि कोविड-19 वायरस भी अस्थमा के लक्षणों को बढ़ाता है। अस्थमा और एलर्जी डिपार्टमेंट में काम कर रहे क्लीनिशियंस को हमेशा ध्यान रखना होगा कि एलर्जिक राइनाइटिस, अस्थमा, श्वसन नली के ऊपरी हिस्से के इन्फेक्शन कोविड-19 इन्फेक्शन के साथ हो सकते हैं।

क्या कोविड-19 और अस्थमा के बढ़े हुए लक्षणों में समानता है?

  • हां। कोविड-19 इन्फेक्शन में अक्सर सूखी खांसी आती है और सांस तेजी से चलती है। ये लक्षण अस्थमा के भी हैं। इस वजह से अस्थमा के मरीज के लिए यह समझना दिक्कत वाला हो जाता है कि यह कोविड-19 की वजह से हो रहा है या अस्थमा की वजह से। पर कोविड-19 महामारी में हमने देखा है जिन लोगों ने अस्थमा को काबू किया है, उनमें महामारी के लक्षण ज्यादा नहीं दिखे हैं।

क्या कोविड-19 इन्फेक्शन में भी नेबुलाइजर्स का इस्तेमाल जारी रखें?

  • अस्थमा रोगियों के लिए नेबुलाइजेशन इस्तेमाल में आसान और सुविधाजनक होते हैं। पर इससे बड़ी संख्या में एयरोसोल निकलते हैं जो कोविड-19 ट्रांसमिशन का रिस्क बढ़ाता है। इसके बजाय सीमित डोज वाले इनहेलर का इस्तेमाल करें। दोनों का ही प्रभाव समान होता है, पर कोविड-19 ट्रांसमिशन का जोखिम काफी कम हो जाता है।

क्या अस्थमा के रोगियों के इलाज में स्टेरॉइड्स का इस्तेमाल करना चाहिए?

  • हां। कनाडा की स्टडी का सुझाव है कि अस्थमा के अटैक्स में सिस्टेमिक स्टेरॉइड्स का इस्तेमाल किया जाए, भले ही वह कोविड-19 से संबंधित हो या नहीं। ओमलीजुमाब, मेपोलीजुमाब, रेसलिजुमाब, बेनरालीजुमाब और डुपिलुमाब के क्लीनिकल ट्रायल्स बताते हैं कि यह दवाएं वायरल इन्फेक्शन बढ़ने के खतरे को नहीं बढ़ाती बल्कि अस्थमा के लक्षणों को शांत करती हैं। इस जानकारी के आधार पर स्टेरॉइड्स का इस्तेमाल अस्थमा के इलाज में जारी रखा जा सकता है।

क्या अस्थमा के मरीजों को कोविड-19 वैक्सीन से किसी तरह की समस्या है?

  • नहीं। अस्थमा के सभी मरीज कोविड-19 वैक्सीन लगवा सकते हैं। अगर किसी मरीज को वैक्सीन के किसी केमिकल के प्रति हाइपरसेंसिटिविटी या गंभीर एलर्जिक रिएक्शन का खतरा है तो ही उसे वैक्सीन से बचना चाहिए। इस वजह से बेहतर होगा कि अस्थमा के मरीज अपने डॉक्टर से पूछ लें और वैक्सीन लगवाएं।

क्या अस्थमा की दवा वैक्सीन की इफेक्टिवनेस प्रभावित करेगी?

  • नहीं। माइल्ड से मॉडरेट रोग होने पर ट्रीटमेंट में इस्तेमाल होने वाले इनहेल्ड कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स से न तो कोविड-19 की वैक्सीन की इफेक्टिवनेस कम होती है और न ही इम्युनिटी कमजोर होती है। ऐसे में जो रोगी अस्थमा को काबू करने के लिए किसी दवा का इस्तेमाल कर रहे हैं या इंजेक्शन ले रहे हैं, उन्हें वैक्सीन के दो इंजेक्शन में एक हफ्ते का अंतर रखना चाहिए।

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